राजस्थान कृषि योजनाएं 2026राजस्थान कृषि योजनाएं 2026

राजस्थान, कृषि प्रधान राज्य होने के बावजूद सूखाग्रस्त इलाकों से जूझता है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं किसानों को मजबूत सहारा दे रही हैं। 2026-27 बजट में कृषि के लिए 11,300 करोड़ आवंटित हुए, जिसमें ऋण, सिंचाई और सब्सिडी पर जोर है।यह ब्लॉग राजस्थान कृषि योजनाएं 2026 का विस्तार से वर्णन करता है, जिसमें विवरण, पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया शामिल है।

राजस्थान कृषि योजनाएं 2026
  • यह केंद्र प्रायोजित योजना छोटे किसानों को सालाना 6,000 रुपये (तीन किश्तों में 2,000-2,000) डीबीटी से देती है। राजस्थान में लाखों किसान लाभान्वित हैं।
  • आय असुरक्षा कम करना और खेती को बढ़ावा। 2026 में eKYC अनिवार्य।
  • भूमिधारक परिवार (पति-पत्नी-नाबालिग बच्चे) जिनकी जमीन राज्य रिकॉर्ड में दर्ज हो।
  • अधिकतम 2 हेक्टेयर तक।
  • आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी (10,000+ मासिक) अयोग्य।

📝 आधार कार्ड (eKYC के लिए)।

📝 बैंक खाता विवरण (IFSC कोड सहित)।

📝 भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड (खाता-खेसरा)।वै

📝 कल्पिक: वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस यदि आधार न हो।

👉 pmkisan.gov.in पर जाएं,

👉 ‘नया किसान पंजीकरण’ चुनें।

👉 आधार/मोबाइल से OTP सत्यापन।

👉 विवरण भरें, दस्तावेज अपलोड करें।

👉CSC केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर से ऑफलाइन भी।

👉 स्टेटस चेक के लिए ‘जानकारी/सेवा’। 30 दिनों में सत्यापन।

  • राजस्थान सरकार की यह योजना PM Kisan के ऊपर अतिरिक्त 4,000-9,000 रुपये सालाना देती है। कुल 10,000-15,000 तक लाभ।
  • 2026 बजट में वृद्धि की चर्चा। छोटे-सीमांत किसानों पर फोकस।
  • राजस्थान का स्थायी निवासी और भूमिधारक।PM Kisan लाभार्थी।छोटे/सीमांत किसान प्राथमिकता।

📝 आधार कार्ड।

📝 बैंक पासबुक।

📝 निवास प्रमाण पत्र।

📝 जमीन दस्तावेज।

📝 पासपोर्ट साइज फोटो,

📝 जाति/आय प्रमाण पत्र।

👉 rajkisan.rajasthan.gov.in या SSO ID से लॉगिन।

👉 ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि’ चुनें।

👉 फॉर्म भरें, eKYC करें।

👉 ऑफलाइन: तहसील/पंचायत कार्यालय। DBT से भुगतान।

  • कृषि कार्य/बाजार दुर्घटना में सहायता: मृत्यु पर 2 लाख, गंभीर चोट पर 50,000-2 लाख। किसान, मजदूर, बाजार मजदूर पात्र।
  • राजस्थान निवासी।दुर्घटना कृषि कार्य से जुड़ी (ट्रैक्टर दुर्घटना, जानवर आक्रमण आदि)।घटना के 6 महीने के अंदर आवेदन।

📝 आधार/भामाशाह कार्ड।

📝दुर्घटना रिपोर्ट (पुलिस/FIR)।

📝मेडिकल सर्टिफिकेट।

📝बैंक विवरण।

📝मृत्यु प्रमाण पत्र यदि लागू।

👉 SSO Portal या RajKisan Saathi ऐप पर लॉगिन।

👉 ‘आवेदन प्रविष्टि अनुरोध’ चुनें, दस्तावेज अपलोड।

👉 ऑफलाइन: मंडी समिति कार्यालय।

👉 30 दिनों में सत्यापन और भुगतान।

👉 हेल्पलाइन: 0141-2927047।

  • किसानों को मुफ्त/सस्ती बिजली कनेक्शन। ट्यूबवेल/पंप के लिए। 2026 बजट में विस्तार
  • राजस्थान का किसान।कृषि पंप कनेक्शन हेतु।जमीन स्वामी।

📝 आधार कार्ड।

📝जनाधार कार्ड।

📝निवास प्रमाण।

📝बिजली बिल।

📝जमीन दस्तावेज।

👉 राजस्थान वितरण निगम पोर्टल या SSO पर आवेदन।

👉 लोकल डिस्कॉम कार्यालय में जमा।

👉 सत्यापन के बाद कनेक्शन। I

  • वर्षा के पानी को इकठ्ठा कर सिंचाई के काम में लेने के लिए।
  • अ.जा, अ.ज.जा, लघु एवं सिमान्त कृषकों को इकाई लागत का 70 प्रतिशत या अधिकतम 73,500/- रूपये कच्चे फार्म पौण्ड पर तथा 90 प्रतिशत या 1,35,000/- रूपये प्लास्टिक लाईनिंग फार्म पौण्ड पर तथा अन्य श्रेणी कृषकों को लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम 63,000/- रूपये कच्चे फार्म पौण्ड पर तथा 80 प्रतिशत या 1,20,000/- रूपये प्लास्टिक लाईनिंग फार्म पौण्ड पर जो भी कम हो, अनुदान देय है।
  • न्यूनतम 400 घनमीटर क्षमता की खेत तलाई पर ही अनुदान देय।
  • कृषक के स्वयं के नाम एक स्थान पर न्यूनतम कृषि योग्य भूमि 0.3 हैक्टेयर एवं संयुक्त खातेदार की स्थिति में एक स्थान पर न्यूनतम भूमि 0.3 हैक्टेयर हो ।

👉 कृषक स्वयं राज किसान साथी पोर्टल पर लॉगिन कर या नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर

आवेदन करा सकेगा।

👉 आवेदक आवेदन पत्र ऑन-लाईन जमा किये जानें की प्राप्ति रसीद ऑन-लाईन ही प्राप्त

कर सकेगा।

👉 आवेदन पत्र के समय आवश्‍यक दस्तावेज- आधार कार्ड / जनाधार कार्ड, जमाबंदी की

नकल (छः माह से अधिक पुरानी नही हो)

  • आवेदन के बाद कृषि विभाग द्वारा खेत तलाई निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जाएगी।
  • इसकी सूचना मोबाइल सन्देश / कृषि पर्यवेक्षक के जरिये मिलेगी।
  • खेत तलाई के निर्माण से पहले व बाद में विभाग द्वारा मौका निरीक्षण / सत्यापन किया जाएगा।
  • अनुदान राशि सीधे कृषक के बैंक के खाते में जमा होगी ।
  • चालू वित्तीय वर्षमहत्वपूर्ण वेबसाइट लिंक

india.gov.inrajasthan.gov.inagriculture.rajasthan.gov.indoitc.rajasthan.gov.in

  • नहरी क्षेत्रो में डिग्गी का निर्माण कर सिंचाई सुविधा को बढावा
  • कृषक द्वारा न्यूनतम 4.00 लाख लीटर भराव क्षमता एवं इससे अधिक क्षमता की पक्की डिग्गी अथवा प्लास्टिक लाईनिंग डिग्गी का निर्माण करने पर लघु एवं सीमान्त कृषकों को इकाई लागत का 85 प्रतिशत या अधिकतम 340000/- रूपये जो भी कम हो तथा अन्य कृषकों को इकाई लागत का 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम रूपये 300000/- जो भी कम हो अनुदान देय है।
  • कृषक के पास कम से कम 0.5( आधा) हैक्टेयर सिंचित कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है।

👉 कृषक स्वयं राज किसान साथी पोर्टल पर लॉगिन कर या नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर

आवेदन करा सकेगा।

👉 आवेदक आवेदन पत्र ऑन-लाईन जमा किये जानें की प्राप्ति रसीद ऑन-लाईन ही प्राप्त

कर सकेगा।

👉 आवेदन पत्र के समय आवश्‍यक दस्तावेज- आधार कार्ड / जनाधार कार्ड , जमाबंदी की

नकल (छः माह से अधिक पुरानी नही हो)

  • डिग्गी का निर्माण कृषि विभाग की प्रशासनिक स्वीकृति के बाद ही प्रांरभ करें।
  • निर्माण से पहले व बाद में विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
  • डिग्गी पर ड्रिप/ फव्वारा सेट की स्थापना अनिवार्य है
  • निर्धारित मापदंड के अनुसार डिग्गी निर्माण करने पर अनुदान राशि सीधे कृषक के खाते में जमा होगा ।
  • चालू वित्तीय वर्ष महत्वपूर्ण वेबसाइट लिंकindia.gov.inrajasthan.gov.inagriculture.rajasthan.gov.indoitc.rajasthan.gov.in
  • ट्यूबवैल या कुए से खेत तक बिना छीजत के पानी पहुंचाने के लिए।
  • पानी की 20-25 प्रतिशत तक बचत
  • लघु एवं सीमान्त कृषकों को इकाई लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम राषि रूपये 18000/- जो भी कम हो तथा अन्य कृषकों को इकाई लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम राषि रूपये 15000/- जो भी कम हो अनुदान देय है।
  • कृषक के नाम पर कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व हो तथा कुंए पर विद्युत/डीजल/टैक्टर चलित पम्प सैट हो। सामलाती कुंए पर यदि सभी हिस्सेदार अलग-अलग पाईप लाइन पर अनुदान की मांग करते है तो अलग-अलग अनुदान देय होगा परन्तु भूमि का स्वामित्व अलग-अलग होना आवश्‍यक है। सामलाती जल स्त्रोत होने की स्थिति में सभी साझेदार कृषकों को स्त्रोत से एक ही पाईपलाइन दूर तक ले जानें में सभी कृषकों को अलग-अलग अनुदान देय होगा।

👉 कृषक स्वयं राज किसान साथी पोर्टल पर लॉगिन कर या नजदीकी ई.मित्र केन्द्र पर

जाकर आवेदन करा सकेगा।

👉 आवेदक आवेदन पत्र ऑन.लाईन जमा किये जानें की प्राप्ति रसीद ऑन.लाईन ही प्राप्त

कर सकेगा।

👉 आवेदन पत्र के समय आवश्‍यक दस्तावेज. आधार कार्ड / जनाधार कार्ड एवम् जमाबंदी

की नकल छः माह से अधिक पुरानी नही हो

  • आवेदन के बाद पाइप लाइन की खरीद कृषि विभाग की स्वीकृति के बाद कृषि विभाग में पंजीकृत निर्माता या उनके अधिकृत वितरक विक्रेता से ही की जाए।
  • स्वीकृति की जानकारी मोबाइल संदेश अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक के जरिये मिल सकेगी।
  • पाइप लाइन खरीदने के बाद विभाग द्वारा सत्यापन किया जायेगा।
  • अनुदान राशि सीधे कृषक के खाते में जमा होगा ।
  • चालू वित्तीय वर्ष महत्वपूर्ण

वेबसाइट लिंकindia.gov.inrajasthan.gov.inagriculture.rajasthan.gov.indoitc.rajasthan.gov.in

  • ट्यूबवैल या कुएं के जल को हौज में एकत्रित कर जरुरत के समय सिंचाई हेतु काम में लिया जाता है।
  • सभी श्रेणी के कृषकों को न्यूनतम आकार 100 घनमीटर या एक लाख लीटर भराव क्षमता के जल हौज का निर्माण करने पर लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि रूपये 90000/- जो भी कम हो अनुदान ।
  • कृषक के नाम न्यूनतम कृषि योग्य आधा हैक्टेयर भूमि हो।
  • सिंचाई का स्रोत व साधन हो ।

👉 कृषक स्वयं या नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर आवेदन करा सकेगा।

👉 आवेदक आवेदन पत्र ऑन-लाईन जमा किये जानें की प्राप्ति रसीद ऑन-लाईन ही प्राप्त

कर सकेगा।

👉 आवेदन पत्र के समय आवश्‍यक दस्तावेज- आधार कार्ड / जनाधार कार्ड, जमाबंदी की

नकल (छः माह से अधिक पुरानी नही हो)

  • आवेदन के बाद कृषि विभाग द्वारा जलहौज निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जाएगी।
  • इसकी सूचना मोबाइल सन्देश / कृषि पर्यवेक्षक के जरिये मिलेगी।
  • जलहौज के निर्माण से पहले व बाद में विभाग द्वारा मौका / सत्यापन किया जाएगा।
  • अनुदान राशि सीधे कृषक के खाते में जमा होगी ।
  • चालू वित्तीय वर्ष

महत्वपूर्ण वेबसाइट लिंकindia.gov.inrajasthan.gov.inagriculture.rajasthan.gov.indoitc.rajasthan.gov.in

  • नीलगाय व निराश्रित पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए।
  • कृषकों को 400 रंनिग मीटर तक तारबन्दी स्थापित करने पर लघु एवं सीमान्त कृषकों को लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि रूपये 48000/- जो भी कम हो एवं सामान्य कृषकों को लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि रूपये 40000/- जो भी कम हो, अनुदान देय होगा ।सामुदायिक आवेदन में 10 या अधिक कृषकों के समूह में न्यूनतम 5 हैक्टेयर में तारबंदी किये जाने पर लागत का 70 प्रतिशत या अधिकतम राशि रूपये 56000/- जो भी कम हो परिधि पर तारबंदी की जाती है तो प्रोरेटा बेसिस पर अनुदान दिये जाने का प्रावधान किया गया है। प्रति कृषक 400 रनिंग मीटर तक अनुदान देय होगा।
  • इस योजना का लाभ सभी श्रेणी के कृषकों को दिया जायेगा।
  • व्यक्तिगत एवं कृषक समूह में आवेदन कर्ता के पास न्यूनतम 1.5 हैक्टर भूमि एक ही स्थान पर होना आवष्यक है।
  • अनुसूचित जन जाति क्षेत्रों में जोत का आकार कम होने के कारण न्यूनतम 0.5 हैक्टर भूमि एक ही स्थान पर होना आवष्यक है।
  • सामुदायिक आवेदन में 10 या अधिक कृषकों के समूह में न्यूनतम 5 हैक्टेयर भूमि तथा समूह की भूमि की सीमाये निधारित पेरीफेरी में होना आवष्यक है।
  • चालू वित्तीय वर्ष

👉 कृषक राज किसान साथी पोर्टल पर जनआधार के माध्यम से स्वयं या नजदीकी ई-मित्र

केन्द्र पर जाकर आवेदन कर सकेगा।

👉 आवेदक आवेदन पत्र आन-लाईन जमा किये जानें की प्राप्ति रसीद आन-लाईन ही प्राप्त

कर सकेगा।

👉 आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज, आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, जमाबंदी की

नकल (छः माह से अधिक पुरानी नहीं हो),

👉 बैंक खाते सम्बन्धित विवरण।

  • जिन कृषकों के जनआधार पर लघु एवं सीमान्त कृषक श्रेणी में पंजीयन (सिडिंग) है उनको ही लघु एवं सीमान्त कृषक मानते हुए अनुदान के लिए पात्र समझा जावे । यदि जनाधार मे लघु/सीमान्त कृषक के पंजीयन की सुविधा नहीं होए तो ऐसी स्थिति में कृषकों को आवेदन के समय सक्षम स्तर से जारी लघु/सीमान्त का प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।
  • आवेदन के उपरान्त कृषि विभाग द्वारा तारबंदी स्थापना के लिए प्रषासनिक स्वीकृति जारी की जायेगी।इसकी सूचना मोबाईल संदेष/कृषि पर्यवेक्षक के द्वारा प्राप्त होगी ।
  • तारबन्दी किये जानें से पूर्व व कार्य पूर्ण होने पर विभाग द्वारा मौका/सत्यापन व जियोटेगिंग अनुदान राशि सीधे कृषक के खाते में जमा होगी।

महत्वपूर्ण वेबसाइट लिंकindia.gov.inrajasthan.gov.inagriculture.rajasthan.gov.indoitc.rajasthan.gov.in

  • उन्नत कृषि यंत्रो के उपयोग से समय व श्रम की बचत
  • अनुमोदित कृषि यंत्रों को क्रय करने पर कृषकों की श्रेणी के अनुसार अधिकतम 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान।
  • आवेदक के पास स्वयं के नाम से कृषि भूमि हो/अविभाजित परिवार की स्थिति में राजस्व रिकॉर्ड में आवेदक का नाम होना आवश्यक है।
  • ट्रेक्‍टर चलित कृषि यंत्र हेतु अनुदान प्राप्‍त करने के लिये ट्रेक्‍टर का रजिस्‍ट्रेशन आवेदक के नाम से होना चाहिये।
  • एक कृषक को विभाग की किसी भी योजना में एक प्रकार के कृषि यंत्र पर तीन वर्ष की कालावधि में केवल एक बार ही अनुदान देय होगा। एक कृषक को एक वित्तीय वर्ष में केवल एक ही कृषि यंत्र पर किसी भी योजना में अनुदान दिया जा सकेगा।
  • राजकिसान पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का रैण्डमाईजेषन उपरान्त ऑनलाईन वरीयता क्रम के आधार पर निस्तारण किया जायेगा।

👉 कृषक स्वयं के स्‍तर पर या नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर जनाधार नम्‍बर के माध्‍यम से

आवेदन कर सकेगा।

👉 आवेदक आवेदन पत्र ऑन-लाईन जमा किये जानें की प्राप्ति रसीद ऑन-लाईन ही प्राप्त

कर सकेगा।

👉 आवेदन के समय दस्तावेज. जनाधार कार्ड जमाबंदी की नकल (छः माह से अधिक पुरानी

नही हो),लघु सीमान्त कृषक का.

👉प्रमाणपत्र (यदि आवश्यक हो) ट्रैक्टर का पंजीयन प्रमाण पत्र (आर.सी.) की प्रति (ट्रैक्टर

चलित यंत्रों के लिए अनिवार्य)|

  • राज्य के किसी भी जिले में पंजीकृत निर्माता/विक्रेता, जिनकी सूची राजकिसान साथी पोर्टल पर प्रदर्शित हो, से कृषि यंत्र क्रय करने पर ही अनुदान देय होगा।
  • कृषि यंत्रों का क्रय कृषि कार्यालय की प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के उपरान्त ही करें
  • स्वीकृति की जानकारी मोबाइल संदेश / अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक के जरिये मिल सकेगी।
  • कृषि पर्यवेक्षक / सहायक कृषि अधिकारी द्वारा यंत्र का भौतिक सत्यापन किया जायेगा।
  • सत्यापन के समय क्रय बिल प्रस्तुत करना होगा।
  • अनुदान का भुगतान कृषक के बैंक खाते में ऑनलाईन ही होगा।
  • छात्राओं को कृषि विषय में अध्ययन के लिये प्रोत्साहित करना
  • कृषि विषय लेकर सीनियर सैकेण्डरी में अध्ययनरत छात्राओं को राशि रूपये 15000 प्रतिवर्ष की दर से 11 वीं एवं 12 वीं कक्षा हेतु।
  • कृषि स्नातक शिक्षा जैसे उद्यानिकी, डेयरी, कृषि अभियांत्रिकी, खाद्य प्रसंस्करण व श्री कर्ण नरेन्द्र व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय, जोबनेर में अध्ययनरत छात्राओं को 25000 रूपये प्रतिवर्ष की दर से 4/5 वर्षीय पाठ्यक्रम हेतु।
  • कृषि स्नात्कोत्तर शिक्षा (एम.एस.सी.कृषि) में अध्ययनरत छात्राओं को 25000 रूपये राशि प्रतिवर्ष की दर से 2 वर्षीय पाठ्यक्रम हेतु।
  • कृषि विषय में पी.एच.डी. में अध्ययनरत छात्राओं को 40000 रूपये प्रतिवर्ष अधिकतम 3 वर्ष हेतु।
  • केवल राजस्थान की मूल निवासी ऐसी छात्राएं जो राजकीय एवं राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत है।
  • गत वर्ष में अनुत्तीर्ण छात्राओं को पुनः उसी कक्षा में प्रवेश लेने पर
  • जिन छात्राओं ने श्रेणी सुधार हेतु उसी कक्षा में पुनः प्रवेश लिया हो
  • सत्र के मध्य विद्यालय / महाविद्यालय / विश्वविद्यालय छोड़कर जानें वाली छात्राएं

👉 राजकिसान साथी पोर्टल पर जनाधार के माध्यम से स्वयं या नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर

जाकर आवेदन किया जा सकता है।

📝 मूल निवास प्रमाण पत्र

📝 गत वर्ष की अंकतालिका

👉चालू वित्तीय वर्ष

योजना से जुड़े अन्य सवाल और जवाब

राजस्थान में किसानों के लिए कौन-कौन सी प्रमुख योजनाएं हैं?

राजस्थान में किसानों के लिए कई योजनाएं चल रही हैं, जैसे:पीएम किसान सम्मान निधि योजनातारबंदी योजनाकृषि यंत्र अनुदान योजनाअन्य कृषि सब्सिडी योजनाएं

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कितनी राशि मिलती है?

इस योजना के तहत किसानों को ₹6000 प्रति वर्ष दिए जाते हैं, जो 3 किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होते हैं।

तारबंदी योजना क्या है?

तारबंदी योजना के तहत किसानों को अपने खेत की सुरक्षा के लिए तारबंदी (फेंसिंग) पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है।

कृषि यंत्र अनुदान योजना में कितना लाभ मिलता है?

इस योजना में किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर 40% से 50% तक सब्सिडी दी जाती है।

इन योजनाओं के लिए आवेदन कैसे करें?

राजकिसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

सामान्यतः ये दस्तावेज जरूरी होते हैं:जन आधार कार्डआधार कार्डबैंक खाताजमाबंदी की नकल

क्या सभी किसानों को इन योजनाओं का लाभ मिलता है?

नहीं, योजनाओं का लाभ केवल पात्र किसानों को ही दिया जाता है, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।

इन योजनाओं की जानकारी कहां से प्राप्त करें?

राजकिसान पोर्टलकृषि विभागई-मित्र केंद्रसे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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